जीवन के पांच सूत्र
🌻जीवन के पांच सूत्र🌾 शिक्षा,संस्कार,संगति,एकता और व्यक्तिगत पहचान (1) शिक्षा:--शिक्षा वो शेरनी का दूध है। बाबा साहब अम्बेडकर ने कहा है शिक्षा वो शेरनी का दूध है जो पीयेगा वो दहाड़ेगा और जो नहीं पीयेगा वो जानवरों की तरह आवाज करेगा। इसलिए आप कुछ भी करें कैसे भी हो अपने बच्चों को जरूर पढ़ाएं।यदि बच्चों को अच्छी शिक्षा नहीं दे सकते हैं तो जिन्दगी में बड़ा काम कभी नहीं कर सकते हैं। (2) संस्कार:--चाहे जितनी अच्छी शिक्षा दिला दें अगर बच्चों को अच्छी संस्कार नहीं देंगे तो ये बच्चे बुढ़ापे में आपका सम्मान नहीं करेंगे। हजारों, लाखों परिवारों को देखते हैं, जिन्होंने अपने बच्चों को बहुत पढ़ाया, तरह-तरह की डिग्रियां दिला दी लेकिन आज बुढ़ापे में उन्हें सम्मान नहीं मिल रहा है। इसलिए शिक्षा के साथ साथ बच्चों को संस्कार भी दें। (3) संगति:--चाहे जितनी अच्छी शिक्षा और संस्कार दिला दें,कुछ नहीं होने वाला है जबतक बच्चों की संगति पर ध्यान नहीं देंगे। संगति ऐसे चीज है।अगर बुरे लोगों की संगति हो जाए तो बुरे इन्सान हो जाता है और अच्छे लोगों से संगति ह...